• indian law | |
भारतीय: native Hindustani Indian | |
विधि: act regularity regulation rite rule ceremony fate | |
भारतीय विधि अंग्रेज़ी में
[ bharatiya vidhi ]
भारतीय विधि उदाहरण वाक्य
उदाहरण वाक्य
अधिक: आगे- Law Commission of India
भारतीय विधि आयोग - On the whole , ancient Indian law and legal proce- dure , beginning with the Vedic age and ending with the middle ages , was fairly developed .
कुल मिलाकर प्राचीन भारतीय विधि एवं न्याय प्रक्रिया , जिसका आरंभ वैदिक काल से हुआ और समापन मध्यकाल में हुआ , पर्याप्त विकसित थी . - The work of the Indian Law Commission of 1834 fell mainly on Lord Macaulay , and the first subject taken up was the preparation of a Code of Penal Law .
1834 के भारतीय विधि आयोग के कार्य का भार मुख्यतया लार्ड मैकाले पर पड़ा और इसने सबसे पहले दंड विधि संहिता बनाने का काम हाथ में लिया . - From an early time , therefore , there began to grow in India a large body of Anglo-Indian case law and Regulations of the legislatures amending and supplementing Indian laws .
इसलिए प्रारंभ से ही देश में भारतीय विधि को संशोधित और अनुसूचित करने वाली प्रचुर आंग्ल- भारतीय निर्णयज विधि और विधान मंडलों के बनाए हुए विनियम विकसित होने लगे . - Thirdly , Indian law was deficient ; there were large and important branches of law , such as the law of contract , tort , trust , etc . for which it supplied insufficient or no guidance .
तीसरे , भारतीय विधि में कमियां थीं ; संविदा , अपकृत्य , न्यास आदि विधि की बड़ी और महत्वपूर्ण शाखाओं के लिए भारतीय विधि अपर्याप्त अथवा शून्य मार्गदर्शन प्रदान करती थी . - Thirdly , Indian law was deficient ; there were large and important branches of law , such as the law of contract , tort , trust , etc . for which it supplied insufficient or no guidance .
तीसरे , भारतीय विधि में कमियां थीं ; संविदा , अपकृत्य , न्यास आदि विधि की बड़ी और महत्वपूर्ण शाखाओं के लिए भारतीय विधि अपर्याप्त अथवा शून्य मार्गदर्शन प्रदान करती थी . - Thirdly , Indian law was deficient ; there were large and important branches of law , such as the law of contract , tort , trust , etc . for which it supplied insufficient or no guidance .
तीसरे , भारतीय विधि में कमियां थीं ; संविदा , अपकृत्य , न्यास आदि विधि की बड़ी और महत्वपूर्ण शाखाओं के लिए भारतीय विधि अपर्याप्त अथवा शून्य मार्गदर्शन प्रदान करती थी . - The Charter Act of 1833 directed the Governor-General to appoint an Indian Law Commission to inquire into and report on the state of laws and administration of justice in British India .
1833 के चार्टर अधिनियम ने गवर्नर जनरल को निदेश दिया कि वह ब्रिटिश भारत में विधि की स्थिति और न्याय के प्रशासन की जांच करके रिपोर्ट देने के लिए एक भारतीय विधि आयोग नियुक्त करे .